बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री उद्यमी योजना (MMUY) राज्य में उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 2026 में भी एक महत्वपूर्ण पहल बनी हुई है। उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित यह योजना इच्छुक उद्यमियों को पर्याप्त वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 फरवरी, 2026 को शुरू हुई थी, जिसे बाद में 23 मार्च, 2026 तक बढ़ा दिया गया। आवेदन अवधि समाप्त होने के बाद, लाभार्थियों की चयन सूची 20 मई, 2026 को जारी की गई। इस तिथि पर अनंतिम रूप से चयनित आवेदकों को 24 जून, 2026 तक अपने आवश्यक दस्तावेज आधिकारिक उद्यमी पोर्टल (udyami.bihar.gov.in) पर अपलोड करने का अंतिम अवसर दिया गया था। इसके अतिरिक्त, पिछले वित्तीय वर्षों (2022-23, 2023-24 और 2024-25) के जिन लाभार्थियों को पहली या दूसरी किस्त मिल चुकी थी, उन्हें अपने उपयोगिता प्रमाण पत्र (यह प्रमाणित करने वाला दस्तावेज़ कि प्राप्त धन का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए किया गया है) 30 जून, 2026 तक अपलोड करने का समय दिया गया।
इस योजना के तहत, पात्र व्यक्तियों को अधिकतम ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। इस पैकेज में 50% तक का अनुदान (सब्सिडी) शामिल है, जो अधिकतम ₹5 लाख तक हो सकता है और इसे वापस नहीं करना होता है। शेष 50%, यानी अधिकतम ₹5 लाख, ऋण (लोन) के रूप में प्रदान किया जाता है। महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के आवेदकों के लिए यह ऋण पूरी तरह से ब्याज-मुक्त होता है। हालांकि, युवा उद्यमी घटक के तहत सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग के पुरुष आवेदकों पर 1% की मामूली साधारण ब्याज दर लागू होती है। ऋण राशि को 84 आसान किस्तों (नियमित भुगतान) में चुकाया जा सकता है। यह योजना उद्यमिता कौशल को बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण सत्र भी अनिवार्य करती है।
यह योजना बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसका उद्देश्य विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में व्यवसाय स्थापित करने के इच्छुक व्यक्तियों को पूंजी प्रदान करके बेरोजगारी को कम करना और एक उद्यमी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना है। यह विशेष रूप से युवाओं, महिलाओं और SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक समुदायों के व्यक्तियों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और स्थानीय रोजगार सृजन में योगदान दे सकें।
