बिहार के खगड़िया जिले में भारतीय रेलवे के सोनपुर मंडल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विभिन्न वाणिज्यिक संपत्तियों का सफलतापूर्वक आवंटन किया है। यह पहल रेलवे की संपत्तियों के पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी वाणिज्यिक उपयोग को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है।
हाल ही में, पसराहा, महेशखूंट और साहेबपुर कमाल स्टेशनों पर पार्किंग सुविधाओं का ई-टेंडर (ऑनलाइन बोली प्रक्रिया) के माध्यम से सफल आवंटन किया गया। ई-टेंडर एक ऐसी ऑनलाइन प्रणाली है जहाँ विभिन्न व्यवसाय बोली लगाकर रेलवे की संपत्तियों को किराए पर लेने का अवसर प्राप्त करते हैं, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहती है। यह पूरी प्रक्रिया मंडल रेल प्रबंधक अमित सरन के नेतृत्व और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक धीरज कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
इस सफल आवंटन के परिणामस्वरूप, रेलवे को अगले तीन वर्षों की अवधि में जीएसटी सहित कुल 61,33,638 रुपये का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। यह जानकारी 27 अगस्त, 2026 को प्रकाशित हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट से मिली है। इन विशिष्ट संपत्तियों के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया बुधवार को सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई थी, जो समाचार रिपोर्ट से ठीक पहले थी।
यह कदम बिहार के छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह वाणिज्यिक स्थान प्राप्त करने के लिए एक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी माहौल को बढ़ावा देता है। ई-टेंडर प्रणाली का उपयोग करके, सोनपुर मंडल न केवल अपने गैर-किराया राजस्व (टिकट बिक्री के अलावा अन्य स्रोतों से आय) को बढ़ा रहा है, बल्कि यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाओं का मार्ग भी प्रशस्त कर रहा है। राजस्व में यह वृद्धि रेलवे के बुनियादी ढांचे और सेवाओं में पुनर्निवेश की जा सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा और रेलवे स्टेशनों के आसपास अधिक वाणिज्यिक अवसर पैदा हो सकते हैं।
सोनपुर मंडल की यह प्रतिबद्धता, पारदर्शी ई-नीलामी प्रणालियों के माध्यम से नई वाणिज्यिक संभावनाओं को विकसित करने और यात्री सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में, क्षेत्र में व्यावसायिक सहभागिता के लिए एक सकारात्मक रुझान को दर्शाती है।
