बिहार में रिकॉर्ड ₹3.47 लाख करोड़ का बजट, ₹5 लाख करोड़ निवेश और 1 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य

ThisNews Desk
बिहार में रिकॉर्ड ₹3.47 लाख करोड़ का बजट, ₹5 लाख करोड़ निवेश और 1 करोड़ नौकरियों का लक्ष्य
चित्र: Pavel Danilyuk / Pexels

बिहार में एनडीए सरकार के तहत विकास कार्यों में तेजी आई है, जिसमें रिकॉर्ड बजट आवंटन और महत्वपूर्ण परियोजनाओं की घोषणाएं शामिल हैं। राज्य के वित्त मंत्री, बिजेंद्र प्रसाद यादव ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3,47,589.76 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। इस बजट में किफायती आवास, सड़कों के निर्माण, चौथे कृषि रोडमैप के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने, औद्योगिक अवसंरचना (उद्योगों के लिए जरूरी सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली) के विकास और स्टार्टअप्स (नए व्यवसायों) को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के आर्थिक विकास के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं। उन्होंने नवंबर 2026 तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा है और अगले पांच वर्षों में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की योजना की घोषणा की है। अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर, 25 जुलाई 2026 को, मुख्यमंत्री चौधरी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि, अवसंरचना और सुशासन से संबंधित 11,464 करोड़ रुपये की 2,476 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने 10 लाख नौकरियों और रोजगार के अवसरों के पिछले लक्ष्य को पार कर लिया है, और अब अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ नौकरियां और रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है। प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं में वैशाली के राजापाकर में एक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण पार्क शामिल है, जिससे 20,000-30,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने और लगभग एक लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। गया में एक स्टील प्लांट हब के लिए एक एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर की भी योजना है।

इससे पहले, 26 मार्च 2026 को, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बक्सर और भोजपुर जिलों में लगभग 1,058 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का अनावरण किया था, जिसमें अवसंरचना सुधार, कल्याण और रोजगार सृजन पर जोर दिया गया था। राज्य 12 सैटेलाइट टाउनशिप भी विकसित कर रहा है और 43 शहरों के लिए मास्टर प्लान तैयार कर रहा है, जिसे शहरी अवसंरचना परियोजनाओं के लिए हुडको (HUDCO) से 1 लाख करोड़ रुपये की क्रेडिट लाइन (एक प्रकार का लचीला ऋण) का समर्थन प्राप्त है।

ये पहल बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये बेहतर अवसंरचना, बढ़ा हुआ निवेश और महत्वपूर्ण रोजगार सृजन का वादा करती हैं। औद्योगिक हब, आधुनिक खेती और शहरी विकास पर ध्यान केंद्रित करने से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने, कनेक्टिविटी बढ़ने और राज्य भर में औद्योगिक विकास तथा उद्यमिता के लिए अधिक अनुकूल माहौल बनने की उम्मीद है। "सात निश्चय-3" ढांचा उद्योगों को मजबूत करने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का विस्तार करने का भी लक्ष्य रखता है, जिसमें मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1 करोड़ महिला लाभार्थियों को 10,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए हैं।

5 सितंबर 2026 को पटना में जिलों के समग्र विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। यह सम्मेलन सुशासन प्रथाओं के प्रसार पर केंद्रित था।

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