बिहार सरकार राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने और आर्थिक विकास को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 28 सितंबर, 2026 को एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अजगैबीनाथ धाम और सोनपुर में दो नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के विकास में तेजी लाने पर चर्चा की गई। इन परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए यह खबर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। 'ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा' का अर्थ है एक बिल्कुल नया हवाई अड्डा जो किसी ऐसी जगह पर बनाया जाता है जहाँ पहले कोई हवाई अड्डा नहीं था। यह मौजूदा हवाई अड्डों के विस्तार के बजाय एक नई शुरुआत होती है। इन हवाई अड्डों के निर्माण से निर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवसर पैदा होंगे।
सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल का मतलब है कि सरकार और निजी कंपनियाँ मिलकर इन परियोजनाओं पर काम करेंगी। इसमें सरकार ज़मीन उपलब्ध कराने, आवश्यक अनुमतियाँ देने और कुछ प्रारंभिक फंडिंग में मदद कर सकती है, जबकि निजी कंपनियाँ मुख्य रूप से निवेश करेंगी, निर्माण करेंगी और हवाई अड्डों का संचालन करेंगी। यह मॉडल सरकार पर वित्तीय बोझ कम करता है और परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने में मदद करता है। निजी क्षेत्र की विशेषज्ञता और दक्षता का लाभ भी मिलता है।
बैठक में इन परियोजनाओं की तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्टों पर गहन चर्चा हुई। 'तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट' यह आकलन करती है कि क्या कोई परियोजना तकनीकी रूप से संभव है (जैसे इंजीनियरिंग और डिज़ाइन के दृष्टिकोण से) और आर्थिक रूप से लाभदायक होगी (जैसे लागत, राजस्व और रिटर्न के दृष्टिकोण से)। यह किसी भी बड़ी परियोजना को शुरू करने से पहले एक महत्वपूर्ण कदम होता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह व्यवहार्य और टिकाऊ है।
इन नए हवाई अड्डों के विकास से बिहार में व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा। बेहतर हवाई संपर्क से राज्य में निवेश आकर्षित होगा, जिससे नए उद्योगों और व्यवसायों के लिए द्वार खुलेंगे। स्थानीय ठेकेदारों को निर्माण कार्य में, आपूर्तिकर्ताओं को सामग्री प्रदान करने में, और सेवा प्रदाताओं को हवाई अड्डे के संचालन से संबंधित विभिन्न सेवाओं में अवसर मिलेंगे। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं, जिससे बिहार के आर्थिक परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
