बिहार के ऊर्जा मंत्री ने राज्य के ऊर्जा और आर्थिक विकास के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया

ThisNews Desk
बिहार के ऊर्जा मंत्री ने राज्य के ऊर्जा और आर्थिक विकास के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया
चित्र: Igor Passchier / Pexels

बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलबुल मंडल ने नई दिल्ली में आयोजित 'भारत इलेक्ट्रिसिटी 2026' कार्यक्रम में राष्ट्रीय और वैश्विक निवेशकों को बिहार के ऊर्जा और आर्थिक विकास में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण राज्य में व्यापार और उद्योग के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह कार्यक्रम 1 और 2 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया गया था। इस दो दिवसीय आयोजन का मुख्य विषय "जलवायु-लचीले विकसित भारत के लिए ऊर्जा संप्रभुता" था। इस मंच पर, मंत्री ने बिहार की ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति और भविष्य की संभावनाओं को रेखांकित किया, जिससे निवेशकों को राज्य में अपनी पूंजी लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए यह खबर विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ने से नए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का निर्माण होगा, जिससे निर्माण, आपूर्ति और सेवा क्षेत्रों में काम करने वाले स्थानीय व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। उदाहरण के लिए, बिजली उत्पादन संयंत्रों, वितरण नेटवर्क और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विकास से सामग्री आपूर्तिकर्ताओं, श्रम ठेकेदारों और तकनीकी सेवा प्रदाताओं की मांग बढ़ेगी।

मंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि बिहार सरकार राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य में ऊर्जा की बढ़ती मांग और सरकार की सहायक नीतियां निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर प्रस्तुत करती हैं। ऊर्जा क्षेत्र में निवेश न केवल राज्य की बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगा, बल्कि औद्योगिक विकास को भी गति देगा, जिससे अंततः रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

यह पहल बिहार को एक प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने और राज्य के समग्र आर्थिक विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय और वैश्विक पूंजी के प्रवाह से बिहार के ऊर्जा परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है, जिससे राज्य के हर कोने में बिजली की उपलब्धता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। यह अंततः कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में उत्पादकता में सुधार करेगा, जो छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।

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