बिहार सरकार का अर्थव्यवस्था को चौगुना करने और ₹5 लाख करोड़ निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य: बजट 2026-27 और प्रमुख पहलें

ThisNews Desk
बिहार सरकार का अर्थव्यवस्था को चौगुना करने और ₹5 लाख करोड़ निवेश आकर्षित करने का लक्ष्य: बजट 2026-27 और प्रमुख पहलें — प्रतीकात्मक तस्वीर
चित्र: RDNE Stock project / Pexels

बिहार सरकार ने अगले चार वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था को चार गुना बढ़ाने और नवंबर 2026 तक ₹5 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। ये पहलें बिहार बजट 2026-27 और विभिन्न नीतिगत घोषणाओं में रेखांकित की गई हैं, जिनका उद्देश्य राज्य को औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र में बदलना है।

बजट 2026-27 की मुख्य बातें
वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने 3 फरवरी, 2026 को बिहार बजट 2026-27 प्रस्तुत किया, जिसमें सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) को मौजूदा कीमतों पर ₹13.1 लाख करोड़ अनुमानित किया गया है। यह 2025-26 की तुलना में 15% की वृद्धि दर्शाता है। GSDP का अर्थ है राज्य के भीतर एक वर्ष में उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य। कुल बजट का आकार ₹3,47,589.76 करोड़ है, जिसमें अनुमानित व्यय (ऋण चुकौती को छोड़कर) ₹3,24,925 करोड़ है। सरकार ने राजकोषीय घाटे को GSDP के 3% पर लक्षित किया है, जिसका अर्थ है कि सरकार के कुल खर्च और कुल आय (उधार को छोड़कर) के बीच का अंतर इस सीमा में रहेगा। बजट में ₹1,143 करोड़ का राजस्व अधिशेष (राजस्व आय का राजस्व व्यय से अधिक होना) भी अनुमानित है। ग्रामीण विकास को आवंटन में सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

रोजगार सृजन और व्यापार में आसानी
सरकार ने 2026 में 150,000 से अधिक सरकारी नौकरियां और रोजगार के अवसर प्रदान करने की योजना बनाई है, जिसका व्यापक लक्ष्य 2030 तक 10 मिलियन (एक करोड़) नौकरियां सृजित करना है। 2025-26 के लिए 150,000 नौकरियों की मांग बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) सहित विभिन्न आयोगों और बोर्डों को भेजी गई है, जिसमें 44,000 शिक्षकों की भर्ती भी शामिल है। 72वीं BPSC संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (CCE) 2026 में प्रशासनिक और पुलिस सेवा पदों के लिए 1186 संशोधित रिक्तियों की घोषणा की गई है।

व्यापारिक विकास को बढ़ावा देने के लिए, बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (EoDB) विधेयक 2026 को 23 जुलाई, 2026 को मंजूरी दी गई थी। इसका उद्देश्य नियामक बाधाओं को कम करना है, जिससे व्यापार करना आसान हो। इसमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को स्व-घोषणा के माध्यम से अनुमोदन प्राप्त करने और दोहरी लाइसेंसिंग से राहत देने के प्रावधान शामिल हैं। राज्य में 20 औद्योगिक परियोजनाओं में ₹350 करोड़ का निवेश भी देखा गया है, जिनसे 2,300 नौकरियां सृजित होने की उम्मीद है।

वित्तीय क्षेत्र और ऋण वितरण
बिहार ने 2026-27 के लिए ₹4.95 लाख करोड़ का ऋण वितरण लक्ष्य निर्धारित किया है। 30 सितंबर, 2026 तक, बैंकों ने ₹1.89 लाख करोड़ का ऋण वितरित किया है, जिसमें से ₹84,091 करोड़ MSMEs को और ₹43,967 करोड़ कृषि क्षेत्र को दिए गए हैं। राज्य का क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो (CDR), यानी बैंकों द्वारा जमा की गई कुल राशि के मुकाबले दिए गए ऋण की मात्रा, 30 सितंबर, 2026 तक 60.17% था। सरकार बैंकों से ऋण देने में वृद्धि करने का आग्रह कर रही है।

बुनियादी ढांचा और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश
ऊर्जा क्षेत्र में ₹1.88 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश का लक्ष्य 2029-30 तक 24 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और 6.1 GWh ऊर्जा भंडारण प्राप्त करना है। केंद्रीय बजट 2026-27 में वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक एक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की भी घोषणा की गई है, जिसमें बिहार के पांच जिलों में स्टेशन प्रस्तावित हैं। इससे आर्थिक विकास, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

ये सभी पहलें बिहार को एक औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र में बदलने, रोजगार के अवसर पैदा करने और छोटे व्यवसायों, MSMEs, व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए समग्र आर्थिक परिदृश्य में सुधार लाने के लिए हैं।

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