बिहार सरकार राज्य के गरीब और वंचित परिवारों के लिए ऊर्जा पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इसका लक्ष्य अक्टूबर 2026 तक 2.5 लाख (ढाई लाख) गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है। यह पहल इन परिवारों के घरों पर छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र (रूफटॉप सोलर प्लांट) स्थापित करके की जाएगी, जिससे उन्हें मुफ्त बिजली मिल सकेगी।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना मुख्य रूप से "कुटीर ज्योति योजना" और केंद्र सरकार की "पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना" के तहत क्रियान्वित की जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य उन परिवारों को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा प्रदान करना है जो पारंपरिक बिजली ग्रिड से जुड़ने में कठिनाई महसूस करते हैं या जिनके लिए बिजली का बिल एक बड़ा बोझ है। इस पहल के तहत, कुटीर ज्योति (BPL) उपभोक्ताओं के लिए सौर पैनल बिल्कुल मुफ्त लगाए जा रहे हैं। यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि इससे इन परिवारों को प्रारंभिक स्थापना लागत का कोई भार नहीं उठाना पड़ेगा।
कार्यक्रम के शुरुआती चरण में, 2.5 लाख परिवारों को 1 किलोवाट (kW) या 1.1 किलोवाट (kW) क्षमता वाले सौर ऊर्जा संयंत्र प्रदान किए जाएंगे। एक किलोवाट क्षमता का मतलब है कि यह संयंत्र एक साथ 1000 वाट बिजली पैदा कर सकता है, जो एक सामान्य घर की बुनियादी जरूरतों जैसे रोशनी, पंखे और छोटे उपकरणों के लिए पर्याप्त होती है। इन संयंत्रों से हर महीने 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलने की उम्मीद है। 125 यूनिट बिजली एक छोटे परिवार के लिए काफी होती है और इससे उनके मासिक बिजली बिल में भारी कमी आएगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
यह पहल न केवल पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देगी बल्कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में छोटे व्यवसायों और ठेकेदारों के लिए भी नए अवसर पैदा करेगी। सौर पैनलों की स्थापना, रखरखाव और संबंधित सेवाओं की मांग बढ़ेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह बिहार के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने और लाखों परिवारों के जीवन को रोशन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
