केंद्र और बिहार में पीएम सूर्य घर, पीएम-कुसुम योजनाओं को गति देने पर सहमति

S Sakar(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 4:15 pm बजे)
केंद्र और बिहार में पीएम सूर्य घर, पीएम-कुसुम योजनाओं को गति देने पर सहमति
चित्र: Kindel Media / Pexels

केंद्र और बिहार सरकार ने राज्य में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और पीएम-कुसुम योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने पर सहमति व्यक्त की है। जुलाई और अगस्त 2026 में हुई उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठकों के दौरान इस प्रतिबद्धता को दोहराया गया। यह कदम बिहार के छोटे व्यवसाय मालिकों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए ऊर्जा लागत कम करने और नए व्यावसायिक अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 10-11 अगस्त, 2026 को हुई एक समीक्षा बैठक में बैंकों को पीएम सूर्य घर योजना के तहत ऋण आवेदनों को 10 दिनों के भीतर स्वीकृत करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य लाभार्थियों के लिए प्रक्रिया को सरल और तेज करना है। मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि ऋण आवेदनों की अस्वीकृति दर को 36% से घटाकर 25% किया जाए, और अनुमोदन अवधि को 18 दिन से घटाकर 10 दिन किया जाए। ये बदलाव छोटे व्यवसायों और आम नागरिकों के लिए सौर ऊर्जा अपनाने को आसान बनाएंगे, जिससे उन्हें बिजली बिलों में बचत होगी।

पीएम सूर्य घर योजना के तहत, बिहार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में 50 लाख घरों को मुफ्त सौर बिजली प्रदान करना है। साथ ही, चरणबद्ध तरीके से 1.67 करोड़ घरों पर सौर पैनल स्थापित किए जाएंगे। इस योजना में केंद्र सरकार द्वारा छत पर सौर पैनल लगाने के लिए 78,000 रुपये तक की सब्सिडी (सरकारी वित्तीय सहायता) प्रदान की जाती है। यह सब्सिडी सौर ऊर्जा प्रणाली की लागत को काफी कम कर देती है, जिससे यह अधिक किफायती हो जाती है।

पीएम-कुसुम योजना का उद्देश्य किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप उपलब्ध कराकर कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे सिंचाई की लागत कम हो और डीजल पर निर्भरता घटे। इन योजनाओं में तेजी आने से न केवल ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। सौर पैनलों की स्थापना और रखरखाव से संबंधित नए व्यवसायों के लिए भी अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।

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