पटना: बिहार कैबिनेट ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 19 अगस्त, 2026 को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में कुल 13 प्रस्तावों को अपनी स्वीकृति दी। इन निर्णयों का मुख्य उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) का विकास करना और कृषि क्षेत्र को मजबूत करना है। ये पहल छोटे व्यवसाय मालिकों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा करेंगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देंगी।
कैबिनेट द्वारा लिए गए सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक मुंगेर और खगड़िया जिलों के बीच गंगा नदी पर एक नए 3-लेन पुल के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी देना है। यह पुल 9.76 किलोमीटर लंबा होगा और इसके निर्माण पर अनुमानित ₹999.46 करोड़ की लागत आएगी। यह विशाल परियोजना मुंगेर की ओर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-333B को खगड़िया की ओर राष्ट्रीय राजमार्ग NH-31 से जोड़ेगी। इस पुल के बनने से उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार होगा। वर्तमान में, इन क्षेत्रों के बीच यात्रा में काफी समय लगता है, जिससे माल ढुलाई महंगी और धीमी हो जाती है। यह नया पुल यात्रा के समय को बहुत कम कर देगा, जिससे व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए सामान लाना-ले जाना आसान और सस्ता हो जाएगा। यह बेहतर कनेक्टिविटी व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देगी, जिससे स्थानीय बाजारों को मजबूती मिलेगी और नए व्यावसायिक अवसर पैदा होंगे। बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश से निर्माण क्षेत्र में ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं और श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
कृषि क्षेत्र, जो बिहार की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार है, को भी कैबिनेट से बड़ा समर्थन मिला है। बिहार राज्य बीज निगम (BSSC) को ₹100 करोड़ की राशि आवंटित करने को मंजूरी दी गई है। यह राशि विशेष रूप से गुणवत्तापूर्ण बीजों की खरीद और किसानों के बीच उनके समय पर वितरण के लिए उपयोग की जाएगी। बीज निगम का यह प्रयास यह सुनिश्चित करेगा कि किसानों को बुवाई के लिए सही समय पर उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिलें। अच्छे बीज फसल की पैदावार बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार करने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। यह निर्णय कृषि-व्यवसाय से जुड़े उद्यमियों, बीज आपूर्तिकर्ताओं और कृषि इनपुट डीलरों के लिए भी सकारात्मक संकेत है, क्योंकि यह कृषि क्षेत्र में मांग और निवेश को बढ़ावा देगा।
ये कैबिनेट निर्णय बिहार के समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापार और उद्यमिता के लिए एक अधिक अनुकूल और गतिशील वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
