बिहार में गंगा नदी पर 126 किलोमीटर लंबा नया मरीन ड्राइव बनेगा: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

ThisNews Desk
बिहार में गंगा नदी पर 126 किलोमीटर लंबा नया मरीन ड्राइव बनेगा: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
चित्र: Soubhagya Maharana / Pexels

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 23 अगस्त, 2026 को पटना के ज्ञान भवन में आयोजित एक रोजगार मेले के समापन समारोह के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने गंगा नदी के किनारे 126 किलोमीटर लंबे एक नए मरीन ड्राइव के विकास की योजना का अनावरण किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना राज्य के मौजूदा नदी तट सड़क बुनियादी ढांचे को और मजबूत करेगी और इसका विस्तार करेगी।

यह नया मरीन ड्राइव, जिसे गंगा कॉरिडोर या विश्वामित्र पथ के नाम से भी जाना जाएगा, पटना के पहले से ही स्थापित जे.पी. गंगा पथ का एक बड़ा विस्तार है। जे.पी. गंगा पथ, जिसकी लंबाई लगभग 21 किलोमीटर है, 2025 में लगभग ₹6,000 करोड़ की अनुमानित लागत से पूरा किया गया था। अब प्रस्तावित 126 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर सोन नदी पर स्थित कोइलवर से शुरू होकर गंगा नदी के किनारे-किनारे आगे बढ़ेगा।

इस परियोजना के तहत बक्सर तक विशिष्ट विस्तार की योजना है, जिसे बिहार कैबिनेट ने 'विश्वामित्र पथ' नाम से मंजूरी दे दी है। इसके अतिरिक्त, इस वृहद योजना में गंगा अंबिका पथ (जो विदुपुर से दिगवाड़ा तक फैलेगा) और नारायणी पथ (जो दरहरा कोनवा से सारण जिले के गोपालगंज डुमरिया घाट तक जाएगा) जैसे अन्य महत्वपूर्ण खंड भी शामिल हैं।

यह विशाल बुनियादी ढांचा परियोजना बिहार के छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए कई नए अवसर लेकर आएगी। सड़कों के बेहतर होने से पूरे राज्य में माल और सेवाओं की आवाजाही अधिक कुशल और तेज हो जाएगी। इससे परिवहन लागत में कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ व्यापारियों और कृषि-व्यवसाय से जुड़े लोगों को मिलेगा। निर्माण क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम शुरू होने से ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं और विभिन्न कौशल वाले श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय होटल, रेस्तरां और संबंधित व्यवसायों को फायदा होगा। यह परियोजना बिहार की आर्थिक प्रगति में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी, जिससे राज्य में व्यापार करना और निवेश आकर्षित करना अधिक आकर्षक हो जाएगा।

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