पटना चिड़ियाघर में 'वंदे भारत' शैली की बैटरी-संचालित टॉय ट्रेन सेवा जल्द होगी बहाल

ThisNews Desk
पटना चिड़ियाघर में 'वंदे भारत' शैली की बैटरी-संचालित टॉय ट्रेन सेवा जल्द होगी बहाल
चित्र: Sonny Sixteen / Pexels

पटना चिड़ियाघर (संजय गांधी जैविक उद्यान) में बच्चों और आगंतुकों के लिए एक अच्छी खबर है। वर्ष 2015 से बंद पड़ी टॉय ट्रेन सेवा को जल्द ही फिर से शुरू किया जाएगा। यह नई ट्रेन 'वंदे भारत' एक्सप्रेस की तरह आधुनिक लुक वाली होगी और पर्यावरण के अनुकूल बैटरी से संचालित होगी। यह परियोजना बिहार सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा विकास है, जो पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में बिहार सरकार के कई विभाग शामिल हैं, जिनमें राज्य कैबिनेट और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग प्रमुख हैं। पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर रेल मंडल के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। चिड़ियाघर के निदेशक हेमंत पाटिल ने भी इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाई है।

नई टॉय ट्रेन के डिब्बे और इंजन समस्तीपुर रेल फैक्ट्री में बनाए जाएंगे। यह स्थानीय विनिर्माण क्षमता को दर्शाता है और क्षेत्र में रोज़गार के अवसर पैदा कर सकता है। छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए भी इस परियोजना से जुड़े विभिन्न कार्यों में भागीदारी के अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।

राज्य कैबिनेट ने जनवरी 2026 में इस परियोजना के लिए लगभग ₹5.81 करोड़ की राशि स्वीकृत की थी। इससे पहले, दिसंबर 2024 में एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे, जो इस परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। यह निवेश न केवल चिड़ियाघर के आकर्षण को बढ़ाएगा बल्कि पटना में पर्यटन को भी बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं को लाभ होगा।

बैटरी से चलने वाली यह ट्रेन पर्यावरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है, क्योंकि यह प्रदूषण कम करने में मदद करेगी। यह परियोजना पटना के निवासियों और पर्यटकों के लिए एक नया अनुभव प्रदान करेगी, जिससे चिड़ियाघर की लोकप्रियता बढ़ेगी और इसके आसपास के छोटे व्यवसायों जैसे खाद्य स्टॉल, स्मारिका दुकानें और परिवहन सेवाओं को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।

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