3 सितंबर, 2026 को दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने पटना में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दरभंगा संसदीय क्षेत्र में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं, विशेषकर दरभंगा हवाई अड्डे के विस्तार और दरभंगा रिंग रोड परियोजना में तेजी लाना था।
दरभंगा हवाई अड्डे के संबंध में, सांसद ने नवंबर 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तावित उद्घाटन के लिए चल रहे कार्यों की समय पर समीक्षा का आग्रह किया। अगस्त 2026 तक, नया टर्मिनल भवन 71.1% पूरा हो चुका है, जिसकी अनुमानित लागत ₹642 करोड़ है। यह नया टर्मिनल प्रति वर्ष 2.3 मिलियन यात्रियों को संभालने की क्षमता के साथ यात्री सुविधाओं का महत्वपूर्ण विस्तार करेगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मई 2026 में दरभंगा हवाई अड्डे का नाम बदलकर "बाबा विद्यापति हवाई अड्डा" करने की घोषणा की थी, और इसे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा दिलाने के प्रयास जारी हैं, जिसमें सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ संभालेगी। हवाई अड्डे को NH-27 (पूर्व-पश्चिम गलियारा) से सीधे जोड़ने के लिए ₹12.34 करोड़ की लागत से चार-लेन एप्रोच रोड का टेंडर भी जारी किया गया है, जो रात में विमान उतरने की सुविधा भी प्रदान करेगा।
दरभंगा रिंग रोड परियोजना भी गति पकड़ रही है। सांसद ने विशेष रूप से रिंग रोड प्रक्रिया में तेजी लाने और कुशेश्वरस्थान को दरभंगा हवाई अड्डे तथा निर्माणाधीन पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले एक स्पर लिंक के विकास का अनुरोध किया। यह रिंग रोड, जो छह आपस में जुड़ी परियोजनाओं के बड़े नेटवर्क का हिस्सा है, एक चार-लेन की सुविधा होगी और इसका उद्देश्य बाहरी यातायात को शहर से बाहर मोड़कर दरभंगा शहर में यातायात की भीड़ को कम करना है।
एक अन्य महत्वपूर्ण परियोजना, 189 किलोमीटर लंबा अमास-दरभंगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (एक बिल्कुल नई जगह पर बनने वाला एक्सप्रेसवे), भी तेजी से प्रगति कर रहा है और दिसंबर 2026 तक इसके चालू होने की उम्मीद है। लगभग ₹5,000 करोड़ की लागत से बनने वाला यह एक्सप्रेसवे सात जिलों को जोड़ेगा और गया से दरभंगा के बीच यात्रा का समय घटाकर 3-4 घंटे कर देगा। यह बिहार के तीन प्रमुख हवाई अड्डों - गया, पटना और दरभंगा को भी जोड़ेगा।
ये बुनियादी ढांचा परियोजनाएं बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हवाई अड्डे और रिंग रोड के माध्यम से बेहतर कनेक्टिविटी से दरभंगा और पूरे मिथिला क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा। यात्रा के समय में कमी और सुगम परिवहन से छोटे और मध्यम उद्यम (MSMEs), व्यापारी और श्रमिक लाभान्वित होंगे। यह सामान और लोगों की आवाजाही को आसान बनाएगा, निवेश आकर्षित करेगा और रोजगार के अवसर पैदा करेगा। NH-27 और अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे से सीधा जुड़ाव क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर माल ढुलाई और वितरण की दक्षता (लॉजिस्टिक्स एफिशिएंसी) को भी बढ़ाएगा।
