बिहार पर्यटन क्षेत्र में AI और डिजिटल तकनीक से रोजगार बढ़ाएगा: मंत्री गुप्ता

ThisNews Desk
बिहार पर्यटन क्षेत्र में AI और डिजिटल तकनीक से रोजगार बढ़ाएगा: मंत्री गुप्ता
चित्र: Lawrence Lam / Pexels

बिहार अपने पर्यटन क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक और होमस्टे पहल को एकीकृत करके रोजगार के अवसरों को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाना है। विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने इस रणनीतिक पहल पर प्रकाश डाला, जिसमें पर्यटन विकास के लिए आधुनिक तकनीक की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।

मंत्री गुप्ता ने बताया कि बिहार का लक्ष्य अपने पर्यटन उद्योग को आधुनिक बनाना है ताकि यह न केवल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करे बल्कि स्थानीय उद्यमियों, छोटे व्यवसाय मालिकों और ठेकेदारों के लिए भी आय के नए स्रोत पैदा करे। AI और डिजिटल तकनीक का उपयोग पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने, पर्यटन स्थलों के विपणन को मजबूत करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने में मदद करेगा। उदाहरण के लिए, AI-संचालित चैटबॉट पर्यटकों को 24/7 जानकारी प्रदान कर सकते हैं, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म ऑनलाइन बुकिंग, प्रचार और भुगतान को आसान बनाकर छोटे व्यवसायों के लिए पहुंच बढ़ा सकते हैं। यह तकनीक पर्यटन से संबंधित सेवाओं जैसे गाइड, परिवहन और स्थानीय उत्पादों की बिक्री को भी बढ़ावा देगी।

इस परिवर्तनकारी दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण घटक "मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना 2026" है। यह योजना स्थानीय निवासियों को अपने घरों को पर्यटकों के लिए आवास के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे उन्हें अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलता है। होमस्टे पहल ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन में विशेष रूप से सहायक है, क्योंकि यह स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और व्यंजनों को बढ़ावा देती है। इससे स्थानीय कारीगरों, खाद्य विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। छोटे व्यवसाय मालिक और ठेकेदार होमस्टे के निर्माण, नवीनीकरण या रखरखाव में शामिल होकर लाभ उठा सकते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा बढ़ावा मिलेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि प्रौद्योगिकी और स्थानीय उद्यमिता का यह संगम बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा बल्कि युवाओं और स्थानीय समुदायों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर भी पैदा करेगा। पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह कदम बिहार को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने और राज्य के भीतर एक मजबूत, समावेशी पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे सभी हितधारकों को लाभ होगा। यह पहल छोटे व्यापारियों, सेवा प्रदाताओं और स्थानीय निवासियों को सीधे आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी।

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