बिहार के भागलपुर नगर निगम में लाइट टेंडर को चौथी बार रद्द कर दिया गया है। इस फैसले से पार्षदों में भारी नाराजगी है, जिन्होंने मेयर और कमिश्नर पर सवाल उठाए हैं। यह घटना निविदा प्रक्रियाओं में बार-बार आ रही बाधाओं को उजागर करती है।
छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए, जो निगम के साथ व्यापार के अवसर तलाशते हैं, यह स्थिति अनिश्चितता पैदा करती है। बार-बार टेंडर रद्द होने से शहर में प्रकाश व्यवस्था से संबंधित कार्यों में देरी हो सकती है, जिसका सीधा असर नागरिकों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
