भागलपुर नगर निगम में लाइट टेंडर चौथी बार रद्द

S Sakar(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 4:19 pm बजे)
भागलपुर नगर निगम में लाइट टेंडर चौथी बार रद्द
चित्र: Ramkrishan Rathore / Pexels

भागलपुर नगर निगम का स्ट्रीट लाइट टेंडर चौथी बार रद्द कर दिया गया है, जिससे पार्षदों में भारी असंतोष है और नगर आयुक्त के आचरण पर सवाल उठ रहे हैं। यह रद्द करने की घोषणा 11 जुलाई, 2026 को सशक्त स्थायी समिति की बैठक के बाद की गई।

तीसरे टेंडर के बाद एक एजेंसी को अंतिम रूप दिए जाने के बावजूद, कार्य आदेश अचानक रद्द कर दिया गया था। इसके बाद, 12 जुलाई, 2026 को नगर निगम ने शहर भर में स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए एक नया ई-टेंडर फिर से जारी किया। इस परियोजना का मूल्य 5 करोड़ 21 लाख 65 हजार रुपये है। इसका उद्देश्य भागलपुर के सभी 51 वार्डों में 5068 स्ट्रीट लाइटें लगाना है, जिसके लिए 15वें और 6वें वित्त आयोग से धनराशि का उपयोग किया जाएगा। शहर को पांच ज़ोन में बांटा जाएगा, और काम 90 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है। इच्छुक एजेंसियां इस नए टेंडर के लिए 16 जुलाई से 24 जुलाई, 2026 के बीच ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकती थीं।

इस स्थिति का बिहार के व्यवसायों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), ठेकेदारों और उद्यमियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। बार-बार रद्द होने से छोटे ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ताओं के लिए भारी अनिश्चितता पैदा होती है, जिससे भविष्य के टेंडरों में उनकी भागीदारी हतोत्साहित हो सकती है और स्थानीय सरकार की खरीद प्रक्रिया में विश्वास कम हो सकता है। कथित तौर पर परियोजना लागत को कम करने का दबाव योग्य एजेंसियों को बोली लगाने से रोक सकता है, जिससे प्रतिस्पर्धा की कमी हो सकती है और काम की गुणवत्ता से समझौता हो सकता है।

लगभग आठ वर्षों से शहर में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट की कमी के कारण हुई लंबी देरी का अर्थ है प्रकाश व्यवस्था के निर्माण, आपूर्ति और स्थापना में शामिल कंपनियों के लिए व्यावसायिक अवसरों का नुकसान, साथ ही श्रमिकों के लिए रोजगार में देरी। महापौर डॉ. वसुंधरा लाल ने बार-बार रद्द होने की बात स्वीकार की है और उम्मीद जताई है कि यदि प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है, तो नया इंस्टॉलेशन कार्य 15 अगस्त, 2026 तक शुरू हो सकता है। उदाहरण के लिए, वार्ड 40 से 51 तक के एक पैकेज का बजट 1.39 करोड़ रुपये है।

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