बिहार के हर जिले में बनेंगे MSME पार्क, 5 साल में 1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य

ThisNews Desk(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 4:12 pm बजे)
बिहार के हर जिले में बनेंगे MSME पार्क, 5 साल में 1 करोड़ रोजगार का लक्ष्य
चित्र: FBO Media / Pexels

बिहार सरकार ने अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ रोजगार सृजित करने और राज्य को पूर्वी भारत का औद्योगिक केंद्र बनाने के लक्ष्य के साथ हर जिले में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) पार्क स्थापित करने की घोषणा की है। 'ड्राफ्ट बिहार MSME नीति 2026' का हिस्सा यह पहल, जुलाई 2026 में सार्वजनिक प्रतिक्रिया के लिए जारी की गई थी। नीति का उद्देश्य 1 करोड़ MSME इकाइयों का पंजीकरण और 1 करोड़ से अधिक रोजगार पैदा करना है, साथ ही 500 से अधिक MSME इकाइयों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ना है। इसके लिए, सरकार हर जिले में "नैनो" (10-20 एकड़) और "मेगा" (20 एकड़ से अधिक) MSME पार्क स्थापित करेगी, जिनमें सामान्य सुविधाएं, विरासत क्लस्टर, परीक्षण प्रयोगशालाएं और 'प्लग-एंड-प्ले' औद्योगिक अवसंरचना उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी इस पहल से जुड़े प्रमुख व्यक्ति हैं। उद्योग विभाग का MSME निदेशालय इन योजनाओं को लागू करेगा। औद्योगिक प्रोत्साहन में निरंतरता के लिए, 'बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025' को 31 दिसंबर, 2026 तक या नई 2026 नीति के लागू होने तक बढ़ाया गया है।

निवेश के तहत, गया जिले में MSME के लिए ₹170 करोड़ का एक प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित होगा। यह केंद्र केंद्र और बिहार सरकारों की संयुक्त पहल है, जो 20 एकड़ भूमि पर कौशल विकास, उन्नत विनिर्माण और औद्योगिक सहायता सेवाओं पर केंद्रित होगा, जिससे गया सहित छह जिलों के MSME को लाभ मिलेगा। मुजफ्फरपुर और दरभंगा में औद्योगिक पार्कों के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे गए हैं, जिनसे लगभग 12,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। राज्य ने 8,000 एकड़ औद्योगिक भूमि का अधिग्रहण किया है और अतिरिक्त 10,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने की योजना है।

'बिहार औद्योगिक एवं निवेश प्रोत्साहन नीति' (आवेदन 31 मार्च, 2026 तक) पात्र परियोजनाओं को प्रोत्साहन देती है: मुफ्त भूमि आवंटन (₹100 करोड़ या उससे अधिक के निवेश और 1,000 रोजगार वाली परियोजनाओं के लिए 10 एकड़ तक), ₹40 करोड़ तक का ब्याज सबवेंशन, और अनुमोदित परियोजना लागत का 30% तक पूंजीगत सब्सिडी। बिहार के उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक निर्यात प्रकोष्ठ, क्रेता-विक्रेता सम्मेलन और ई-कॉमर्स नेटवर्क भी विकसित किया जा रहा है। उद्यमियों की सहायता हेतु हर जिला उद्योग केंद्र में MSME केंद्र, ब्लॉक स्तर पर "MSME मित्र" और पंचायत स्तर पर उद्योग सलाहकार होंगे।

यह पहल बिहार के व्यवसायों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण है। इसका उद्देश्य औद्योगिक विकास के लिए सहायक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना, आयात पर निर्भरता कम करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। 'प्लग-एंड-प्ले' सुविधाओं और ऑनलाइन पोर्टलों से औद्योगिक स्थापना पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल बनेगी, जिससे बिहार पूर्वी भारत का एक प्रमुख औद्योगिक और विनिर्माण केंद्र बन सकेगा।

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