बिहार को मिला अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क और NFDB क्षेत्रीय केंद्र

ThisNews Desk
बिहार को मिला अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क और NFDB क्षेत्रीय केंद्र
चित्र: A S M Atiqur Rahman / Pexels

बिहार के मछली पालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत राज्य को एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क और राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) के क्षेत्रीय केंद्र का तोहफा मिला है। यह पहल बिहार के छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए मछली पालन के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करेगी।

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 15 जून 2026 को भोजपुर जिले के वनसौर फिश सीड फार्म में इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क की आधारशिला रखी। इसी दिन पटना में NFDB के क्षेत्रीय केंद्र का भी उद्घाटन किया गया।

यह इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क 31.21 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत किया गया है और लगभग 32 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा। यह एक व्यापक मत्स्य पालन परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा। आसान शब्दों में कहें तो, यह एक ऐसी जगह होगी जहाँ मछली पालन से जुड़ी लगभग सभी गतिविधियाँ एक ही छत के नीचे होंगी, जिससे मछली पालकों को काफी सुविधा मिलेगी।

इस पार्क में कार्प और स्ट्राइप्ड कैटफिश हैचरी जैसी सुविधाएं होंगी। 'हैचरी' वह जगह होती है जहाँ मछलियों के अंडे से बच्चे तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा, यहाँ ब्रूडर इंक्यूबेशन सुविधा भी होगी, जिसका मतलब है कि प्रजनन के लिए तैयार मछलियों (ब्रूडर) को विशेष देखभाल के साथ रखा जाएगा ताकि वे स्वस्थ अंडे दे सकें।

आधुनिक तकनीकों में बायोफ्लॉक टैंक और रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) शामिल होंगे। 'बायोफ्लॉक टैंक' एक ऐसी तकनीक है जहाँ पानी में मौजूद अपशिष्ट पदार्थों को उपयोगी बैक्टीरिया की मदद से मछली के भोजन में बदल दिया जाता है, जिससे पानी बदलने की ज़रूरत कम होती है और लागत भी घटती है। वहीं, 'रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS)' एक ऐसी प्रणाली है जो पानी को लगातार साफ करके दोबारा इस्तेमाल करती है। इससे कम पानी में अधिक मछलियाँ पाली जा सकती हैं और मछली पालन के लिए नियंत्रित वातावरण मिलता है।

NFDB का क्षेत्रीय केंद्र मछली पालकों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करेगा, जिससे वे अपने व्यवसाय को और बेहतर बना सकें। यह सुविधाएँ बिहार में मछली उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उपलब्ध कराने और मत्स्य पालन से जुड़े व्यवसायों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

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