बिहार में 28 नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, ₹1.21 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आकर्षित

ThisNews Desk
बिहार में 28 नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, ₹1.21 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आकर्षित — प्रतीकात्मक तस्वीर
चित्र: Raven Zhou / Pexels

बिहार सरकार राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास कर रही है। इसके तहत 25 जिलों में 28 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है, जिसके लिए लगभग 14,600 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश आकर्षित करना और रोजगार के अवसर पैदा करना है।

बिहार के उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने 23 अक्टूबर, 2026 को घोषणा की कि 2025 से अब तक राज्य को ₹1,21,863 करोड़ के कुल 1,091 निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 68,807 से अधिक नौकरियां सृजित होने की संभावना है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत से अब तक 521 औद्योगिक इकाइयों को 727.02 एकड़ भूमि आवंटित की है, जिससे ₹18,380.25 करोड़ का निवेश और 49,167 रोजगार के अवसर मिलने का अनुमान है।

गया जिले के डोभी प्रखंड में 1,670 एकड़ में फैले बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी (एकीकृत विनिर्माण शहर) एक महत्वपूर्ण परियोजना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अक्टूबर, 2026 को इसका औपचारिक शुभारंभ किया। इस विनिर्माण शहर से ₹16,500 करोड़ का निवेश और लगभग 1.1 लाख नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। इस अवसर पर, गया क्लस्टर के भीतर लगभग 300 एकड़ भूमि के लिए 12 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए, जो ₹4,200 करोड़ के प्रस्तावित निवेश और अनुमानित 16,095 नौकरियों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

व्यवसाय करने में आसानी (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार नीतिगत सुधार भी लागू कर रही है। मई 2026 में अधिसूचित BIADA भूमि आवंटन और प्रबंधन नीति 2026, एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भूमि आवंटन को सुव्यवस्थित करती है। इसके अतिरिक्त, बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट, 2026 और बिहार एमएसएमई नीति 2026 को अक्टूबर 2026 में मंजूरी दी गई है। एमएसएमई नीति का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में एक करोड़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है। राज्य ने मई 2026 में लगभग ₹350 करोड़ की 20 औद्योगिक परियोजनाओं को भी मंजूरी दी, जिससे लगभग 30 एकड़ भूमि आवंटित हुई और 2,300 नौकरियां मिलने की उम्मीद है। औद्योगिक भूमि अधिग्रहण और बुनियादी ढांचा विकास के लिए ₹25,000 करोड़ की वित्तीय व्यवस्था को जुलाई 2026 में अधिकृत किया गया था।

ये पहल बिहार के व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनका उद्देश्य आसानी से उपलब्ध औद्योगिक भूमि, प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं (तैयार उपयोग के लिए बुनियादी ढांचा) जैसे आधुनिक बुनियादी ढांचे और एक अधिक पारदर्शी व निवेशक-अनुकूल वातावरण प्रदान करना है। सरकार बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 (17 और 18 फरवरी को निर्धारित) के साथ फरवरी 2027 तक उद्योगों के लिए लगभग 20,000 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने की योजना बना रही है। खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर विनिर्माण जैसे क्षेत्रों पर ध्यान, बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 जैसी नीतियों द्वारा समर्थित, राज्य के औद्योगिक आधार में विविधता लाने और विकास व रोजगार के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का इरादा रखता है।

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