बिहार के वैशाली जिले में 6 अगस्त, 2026 को एक विशाल रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जिसमें 833 युवाओं को विभिन्न निजी कंपनियों में सीधा रोजगार मिला। हाजीपुर के अक्षयवट राय स्टेडियम में आयोजित इस एक दिवसीय जिला स्तरीय मेले में 500 अन्य उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के अंतिम चरण के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
यह रोजगार मेला वैशाली जिला नियोजन कार्यालय द्वारा बिहार सरकार के युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। इसका उद्घाटन हाजीपुर के विधायक अवधेश सिंह और जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने संयुक्त रूप से किया। मेले में कुल 24 प्रतिष्ठित निजी कंपनियों ने भाग लिया, जिन्होंने वेयरहाउस, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, बैंकिंग, सुरक्षा सेवाएं, दूरसंचार, खाद्य सेवा, तकनीकी, बिक्री और विपणन, कपड़ा और बीमा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी के अवसर प्रदान किए।
कुल 3,331 पंजीकृत उम्मीदवारों में से 833 युवाओं को मौके पर ही चयनित किया गया। आयोजकों का लक्ष्य 1,500 से 2,000 उम्मीदवारों को योग्य बनाना था। चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन के साथ-साथ भविष्य निधि (पीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई), बीमा, आवास, भोजन और परिवहन जैसी सुविधाएं भी प्रदान की गईं। पीएफ (Provident Fund) कर्मचारियों की बचत योजना है जिसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योगदान करते हैं, जो रिटायरमेंट या विशेष परिस्थितियों में काम आती है। वहीं, ईएसआई (Employees' State Insurance) एक सामाजिक सुरक्षा योजना है जो कर्मचारियों को बीमारी या चोट लगने पर चिकित्सा और वित्तीय सहायता देती है। मेले में भाग लेने के लिए बिहार रोजगार सेतु पोर्टल पर पूर्व-पंजीकरण अनिवार्य था, हालांकि मौके पर भी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध थी।
यह रोजगार मेला बिहार सरकार के "सात निश्चय-3 (2025-30)" के तहत "डबल रोजगार – डबल इनकम" के संकल्प के अनुरूप, राज्य के युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। इस मेगा मेले के अतिरिक्त, वैशाली जिले में 22 जून से 17 जुलाई, 2026 तक "नियोजक आपके द्वार" अभियान भी चलाया गया था, जिसके तहत सभी प्रखंडों में निजी कंपनियों ने मैट्रिक से डिप्लोमा योग्यता वाले उम्मीदवारों के लिए 320 पदों पर भर्तियां की थीं। बिहार सरकार की व्यापक योजना के तहत 2026 में 1.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां और रोजगार के अवसर प्रदान करने का लक्ष्य है, जबकि अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ (10 मिलियन) नौकरियां सृजित करने का दीर्घकालिक लक्ष्य है। नवंबर 2025 से मई 2026 के बीच, बिहार में विभिन्न माध्यमों से 63,115 रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
