बिहार के उद्यमियों और छोटे व्यवसाय मालिकों के लिए एक उत्साहजनक खबर है। राज्य सरकार के स्टार्टअप बिहार कार्यक्रम के तहत, 74 स्टार्टअप्स को कुल ₹3.48 करोड़ की वित्तीय सहायता प्रदान करने की सिफारिश की गई है। उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा संचालित इस महत्वपूर्ण पहल ने रिकॉर्ड 31 दिनों के भीतर 1,228 स्टार्टअप आवेदनों का गहन मूल्यांकन पूरा किया, जो 31 अगस्त, 2026 को संपन्न हुआ। यह त्वरित और कुशल प्रक्रिया 1 अगस्त, 2026 को शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
इस मूल्यांकन प्रक्रिया को अत्यधिक गति और पारदर्शिता के साथ निष्पादित किया गया। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मूल्यांकन प्रणालियों का उपयोग किया गया, साथ ही विशेषज्ञ आकलन, विस्तृत लिखित मूल्यांकन और आवेदकों के साथ व्यक्तिगत बातचीत भी शामिल थी। उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह और उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने इस प्रक्रिया की दक्षता और निष्पक्षता पर विशेष जोर दिया, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि योग्य स्टार्टअप्स को समय पर सहायता मिल सके।
यह वित्तीय सहायता स्टार्टअप्स के विकास के विभिन्न महत्वपूर्ण चरणों में वितरित की जाएगी, ताकि उन्हें सही समय पर सही समर्थन मिल सके:
- प्रारंभिक चरण: 59 स्टार्टअप्स को प्रत्येक को ₹4 लाख की पहली किस्त मिलेगी। यह उन नए व्यवसायों के लिए है जिन्हें अपने विचारों को वास्तविकता में बदलने और प्रारंभिक संचालन शुरू करने के लिए पूंजी की आवश्यकता होती है।
- विकास चरण: 12 स्टार्टअप्स को प्रत्येक को ₹6 लाख की दूसरी किस्त प्रदान की जाएगी। यह उन स्टार्टअप्स के लिए है जिन्होंने अपने शुरुआती लक्ष्यों को प्राप्त कर लिया है और अब अपने उत्पादों या सेवाओं का विस्तार करना चाहते हैं।
- विशेष सहायता: एक स्टार्टअप को ₹10 लाख की एकमुश्त वित्तीय सहायता की सिफारिश की गई है। यह विशेष परियोजनाओं या अद्वितीय व्यावसायिक मॉडलों वाले स्टार्टअप्स के लिए होती है।
- विस्तार चरण (पोस्ट-सीड फंडिंग): दो स्टार्टअप्स को प्रत्येक को ₹15 लाख की पोस्ट-सीड फंडिंग मिलेगी। पोस्ट-सीड फंडिंग उन स्टार्टअप्स को दी जाती है जो पहले ही कुछ निवेश प्राप्त कर चुके होते हैं और अब बड़े पैमाने पर बाजार में प्रवेश करने या अपने व्यवसाय को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए तैयार होते हैं।
यह पूरी पहल बिहार स्टार्टअप नीति 2022 के तहत संचालित होती है, जो वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए भी सक्रिय ढांचा है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य बिहार में एक मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम का निर्माण करना है, जिससे छोटे व्यवसाय मालिकों, ठेकेदारों और व्यापारियों को अपने उद्यमों को शुरू करने और विकसित करने के लिए आवश्यक संसाधन और समर्थन मिल सके। यह कार्यक्रम राज्य की अर्थव्यवस्था में नवाचार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
