बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 26 या 27 अगस्त, 2026 को पटना में तीन महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ किया। रक्षा बंधन के पर्व से ठीक पहले शुरू की गई इन पहलों का मुख्य उद्देश्य राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और उद्यमिता को बढ़ावा देना है, जिससे वे सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें।
इन योजनाओं में 'मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप', 'बिहार की बेटी स्टार्टअप योजना' और 'पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) पहल' शामिल हैं।
'बिहार की बेटी स्टार्टअप योजना' विशेष रूप से महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। "स्टार्टअप" का अर्थ है एक नई कंपनी या व्यवसाय जो अक्सर किसी नए विचार या तकनीक पर आधारित होता है और जिसमें तेजी से बढ़ने की क्षमता होती है। इस योजना के तहत, बिहार की बेटियां अपने नए व्यावसायिक विचारों को वास्तविकता में बदलने के लिए सरकार से वित्तीय और अन्य सहायता प्राप्त कर सकेंगी। यह उन महिलाओं के लिए एक बड़ा अवसर है जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं, चाहे वह कोई छोटा उद्यम हो, कोई नई तकनीक-आधारित कंपनी हो, या कोई सेवा-उन्मुख व्यवसाय हो। यह पहल राज्य में महिला सशक्तिकरण और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी, जिससे बिहार की अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा क्योंकि नए व्यवसाय रोजगार पैदा करते हैं और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाते हैं।
दूसरी योजना, 'मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप', उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसके तहत, पीएचडी (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी) की पढ़ाई कर रही छात्राओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी ताकि वे बिना किसी आर्थिक बाधा के अपनी शोध पढ़ाई पूरी कर सकें। यह कदम राज्य में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने और महिला शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने में मदद करेगा, जिससे भविष्य में कुशल कार्यबल तैयार होगा।
तीसरी पहल, 'पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड)', का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह एक विशेष सुरक्षा बल या समूह होगा जो महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराने और किसी भी आपात स्थिति में सहायता प्रदान करने के लिए काम करेगा। एक सुरक्षित वातावरण किसी भी व्यवसाय के फलने-फूलने के लिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह लोगों को बिना डर के काम करने और निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं को बिहार के विकास और महिलाओं को समाज की मुख्य धारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। ये पहलें न केवल व्यक्तिगत स्तर पर महिलाओं को सशक्त करेंगी, बल्कि राज्य की समग्र आर्थिक प्रगति में भी योगदान देंगी, जिससे छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों और व्यापारियों के लिए भी एक बेहतर और सुरक्षित कारोबारी माहौल बनेगा।
