बिहार में तकनीकी क्षेत्र में निवेश को लेकर वैश्विक कंपनियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2026 में कई महत्वपूर्ण घटनाएँ और घोषणाएँ हुई हैं, जो इस दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को दर्शाती हैं। बिहार सरकार सक्रिय रूप से राज्य को एक प्रौद्योगिकी और डिजिटल निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
राज्य सरकार का विशेष जोर सूचना प्रौद्योगिकी (IT), आईटी-सक्षम सेवाओं (ITES), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर्स, डीपटेक और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों पर है।
आइए इन व्यावसायिक शब्दों को सरल भाषा में समझते हैं:
- सूचना प्रौद्योगिकी (IT): इसमें कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर और नेटवर्क का उपयोग करके जानकारी को बनाना, प्रोसेस करना, स्टोर करना और एक्सचेंज करना शामिल है। यह आज के डिजिटल युग की रीढ़ है।
- आईटी-सक्षम सेवाएँ (ITES): ये वे सेवाएँ हैं जो सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग करके प्रदान की जाती हैं। उदाहरण के लिए, कॉल सेंटर, डेटा एंट्री, बैक-ऑफिस संचालन और ग्राहक सहायता जैसी सेवाएँ।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): यह कंप्यूटर विज्ञान का एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ मशीनें इंसानों की तरह सोचने, सीखने और समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित करती हैं। यह भविष्य की कई तकनीकों का आधार है।
- ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs): ये बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के अपने ही ऑफशोर केंद्र होते हैं, जो आमतौर पर दूसरे देशों में स्थापित किए जाते हैं। ये केंद्र कंपनी के लिए विशिष्ट कार्य जैसे आईटी सपोर्ट, रिसर्च एंड डेवलपमेंट, फाइनेंस या इंजीनियरिंग सेवाएँ प्रदान करते हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक्स: इस क्षेत्र में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और घटकों का डिजाइन, विकास, निर्माण और असेंबली शामिल है, जैसे मोबाइल फोन, कंप्यूटर और अन्य गैजेट्स।
- डेटा सेंटर्स: ये बड़ी सुविधाएँ होती हैं जहाँ बड़ी संख्या में कंप्यूटर सर्वर और संबंधित उपकरण रखे जाते हैं। इनका उपयोग बड़ी मात्रा में डिजिटल डेटा को स्टोर करने, प्रोसेस करने और प्रबंधित करने के लिए किया जाता है।
- डीपटेक: यह उन तकनीकों को संदर्भित करता है जो महत्वपूर्ण वैज्ञानिक खोजों या इंजीनियरिंग नवाचारों पर आधारित होती हैं। इनमें अक्सर जटिल अनुसंधान और विकास शामिल होता है, जैसे बायो-टेक्नोलॉजी या क्वांटम कंप्यूटिंग।
- डिजिटल सेवाएँ: ये वे सेवाएँ हैं जो इंटरनेट या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदान की जाती हैं, जैसे ऑनलाइन शॉपिंग, डिजिटल भुगतान, क्लाउड सेवाएँ और ऑनलाइन शिक्षा।
बिहार सरकार का लक्ष्य इन क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करके राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करना और आर्थिक विकास को गति देना है। यह पहल बिहार को देश के तकनीकी मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने में सहायक होगी।
