बिहार सरकार ने AI सेंटर ऑफ एक्सिलेंस को मंजूरी दी, राज्य होगा AI से सशक्त

S Sakar(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 2:12 pm बजे)
बिहार सरकार ने AI सेंटर ऑफ एक्सिलेंस को मंजूरी दी, राज्य होगा AI से सशक्त
चित्र: Markus Winkler / Pexels

बिहार सरकार ने राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल नवाचार का केंद्र बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कुल ₹468 करोड़ के निवेश से, राज्य में AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI CoE) की स्थापना की जा रही है और संबंधित पहलों को मंजूरी दी गई है। इन प्रयासों से 10,000 से अधिक नई नौकरियां पैदा होने और 50,000 से अधिक युवाओं को AI कौशल प्रशिक्षण मिलने की उम्मीद है।

राज्य सरकार ने बिहटा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI CoE) की स्थापना की है, जिसका उद्देश्य AI तकनीक के माध्यम से बिहार को सशक्त बनाना है। AI CoE एक ऐसा केंद्र होता है जहाँ AI से संबंधित उन्नत शोध, विकास और अनुप्रयोगों पर काम किया जाता है। इसके साथ ही, बिहार राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI CoE) कॉर्पोरेशन के गठन को भी मंजूरी दी गई है। सरकार अपनी समर्पित AI नीति को अंतिम रूप देने में भी जुटी है, जो जल्द ही लॉन्च की जाएगी।

इस पहल में कई प्रमुख शैक्षणिक और औद्योगिक भागीदार शामिल हैं। IIT पटना और IIM गया जैसे संस्थान अकादमिक साझेदार हैं। टाइगर एनालिटिक्स, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, गूगल क्लाउड इंडिया, एक्सॉनवाइज (सर्वम AI) और कोरोवर (भारतGPT) जैसी वैश्विक AI और एनालिटिक्स फर्मों ने बिहार सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। समझौता ज्ञापन एक औपचारिक समझौता होता है। रेड साइबर, ग्रोक्यूआर और सीआईपीएल जैसी कंपनियों ने भी कुल ₹158 करोड़ का निवेश करने की घोषणा की है।

कुल ₹468 करोड़ के निवेश में से, AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए ₹60 करोड़ और IIT पटना में एक रिसर्च पार्क के लिए ₹250 करोड़ आवंटित किए गए हैं। ये पहल बिहार के छोटे व्यवसायों (MSMEs), व्यापारियों, ठेकेदारों और उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा करेंगी। उद्यमी वे लोग होते हैं जो नया व्यवसाय शुरू करते हैं और स्टार्टअप्स नई कंपनियां होती हैं जो अक्सर नवाचारी उत्पादों या सेवाओं पर केंद्रित होती हैं। AI CoE नवाचार, अनुसंधान और क्षमता निर्माण (कौशल और क्षमताओं में सुधार) को बढ़ावा देगा, जिससे सरकारी विभागों में AI-संचालित उपकरणों का एकीकरण संभव हो सकेगा।

यह केंद्र कृषि, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और वित्त जैसे विभिन्न क्षेत्रों में AI को अपनाने में तेजी लाएगा। इसका लक्ष्य AI-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा देना और स्टार्टअप्स को समर्थन देना है, जिससे बिहार पूर्वी भारत के लिए एक नवाचार गंतव्य के रूप में स्थापित हो सके। यह पहल युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप तकनीकी कार्यबल के रूप में तैयार करेगी और राज्य के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी।

इन घोषणाओं और समझौतों का आधार फरवरी 2026 में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 था। बिहार कैबिनेट ने 15 जुलाई, 2026 को AI CoE कॉर्पोरेशन के गठन को मंजूरी दी, जबकि गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी प्रमुख तकनीकी फर्मों के साथ सहयोग को 24 जून, 2026 को मंजूरी मिली थी। AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना 4 मार्च, 2026 तक की गई थी।

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