बिहार सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी सैटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण नीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बिहार कैबिनेट ने 17 जून, 2026 को एक बड़ा फैसला लेते हुए 11 प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप में भूमि की खरीद और बिक्री पर लगे व्यापक प्रतिबंध को हटा दिया है। यह निर्णय अप्रैल 2026 में लगाए गए पिछले स्थगन (moratorium) की जगह लेगा।
यह प्रतिबंध, जो पहले लागू था, भूमि की सट्टेबाजी (speculative buying) को रोकने के उद्देश्य से लगाया गया था। सट्टेबाजी का मतलब है कि लोग सस्ती दरों पर जमीन खरीदकर, भविष्य में कीमतें बढ़ने पर उसे ऊंचे दामों पर बेचने की कोशिश करते हैं। सरकार का मानना था कि इससे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण महंगा हो जाता और विकास में बाधा आती। अब प्रतिबंध हटने से इन टाउनशिप परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी।
छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है। "ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप" का अर्थ है कि ये शहर पूरी तरह से नई, अविकसित भूमि पर बनाए जाएंगे, अक्सर कृषि भूमि पर। ये बड़े शहरों के पास विकसित किए जाते हैं ताकि मुख्य शहर पर आबादी का दबाव कम हो और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। भूमि खरीद-बिक्री पर से प्रतिबंध हटने का मतलब है कि इन क्षेत्रों में रियल एस्टेट और निर्माण गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। ठेकेदारों को निर्माण कार्य मिल सकते हैं, व्यापारियों को नई दुकानें और सेवाएं स्थापित करने के अवसर मिल सकते हैं, और उद्यमियों को नए बाजारों में प्रवेश का मौका मिलेगा।
सरकार का यह कदम इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को गति देने और बिहार में शहरी विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे न केवल आवास और बुनियादी ढांचे का विकास होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
