बिहार में टेंडर घोटाले की जांच में तेजी आई है। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने निलंबित भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारियों के आवासों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई टेंडर घोटाले की गहन जांच के तहत की गई है। टेंडर घोटाला एक ऐसी धोखाधड़ी है जिसमें सरकारी ठेके (टेंडर) गलत तरीके से दिए जाते हैं, जिससे योग्य व्यवसायों और ठेकेदारों को नुकसान होता है। इस तरह की जांच का उद्देश्य सरकारी खरीद प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है, जो छोटे व्यवसायों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण है।
बिहार टेंडर घोटाला: SVU ने निलंबित IAS अधिकारियों के आवासों पर की छापेमारी

टेंडर में और पढ़ें
- भागलपुर में 4.47 करोड़ रुपये की 9 विकास परियोजनाओं के लिए निविदा प्रक्रिया फिर से शुरू
19 अगस्त 2026
- बिहार में ₹15 करोड़ की लागत से बनेगा पहला खेल विज्ञान केंद्र, निविदा प्रक्रिया जल्द होगी शुरू
19 अगस्त 2026
- बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे DPR टेंडर तकनीकी कारणों से रद्द, नया टेंडर जारी
17 अगस्त 2026
- बेगूसराय में निजी भूमि पर बालू खनन टेंडर को लेकर ग्रामीणों का विरोध
12 अगस्त 2026