बिहार सरकार ने 17 IAS अधिकारियों का किया तबादला, 5 जिलों को मिले नए DM

ThisNews Desk
बिहार सरकार ने 17 IAS अधिकारियों का किया तबादला, 5 जिलों को मिले नए DM
चित्र: Abasiakan / Pexels

बिहार सरकार ने राज्य में प्रशासनिक दक्षता और सुशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। 18 अगस्त, 2026 को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 17 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों का तबादला किया गया है और पांच जिलों में नए जिला मजिस्ट्रेट (DM) नियुक्त किए गए हैं।

इस फेरबदल में कई महत्वपूर्ण नियुक्तियां शामिल हैं। 2001 बैच के IAS अधिकारी राजेश कुमार, जो पहले लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव थे, को पटना का नया प्रमंडलीय आयुक्त बनाया गया है। निवर्तमान पटना आयुक्त मयंक वार्वाडे को सतर्कता विभाग का प्रधान सचिव नियुक्त किया गया है। 1997 बैच के IAS अधिकारी पंकज कुमार को ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव पद से हटाकर गृह विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। वे सामान्य प्रशासन विभाग के जांच आयुक्त का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे। कैबिनेट सचिवालय के अपर मुख्य सचिव, 1995 बैच के IAS अधिकारी अरविंद कुमार चौधरी को बिहार राज्य संयुक्त परीक्षा बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक और BIPARD के महानिदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 1996 बैच के IAS अधिकारी एच.आर. श्रीनिवास को समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव से ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव के पद पर स्थानांतरित किया गया है। वित्त विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह को मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग का सचिव बनाया गया है, साथ ही वे वाणिज्य कर विभाग, जीएसटी और मुख्यमंत्री सचिवालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

जिन पांच जिलों को नए जिला मजिस्ट्रेट मिले हैं, उनमें भोजपुर, बेगूसराय, सीतामढ़ी, सीवान और कैमूर शामिल हैं। मनीष कुमार मीणा को भोजपुर का नया DM बनाया गया है। सीतामढ़ी की पूर्व DM रिची पांडे को बेगूसराय का DM नियुक्त किया गया है, जबकि भोजपुर के पूर्व DM तन्मय सुल्तानिया अब सीतामढ़ी के DM होंगे। विजय प्रकाश मीणा सीवान के DM और कुमार अनुराग कैमूर के DM बनाए गए हैं।

यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य भर में शासन और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया है। छोटे व्यवसायों (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम - MSMEs), ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए, ऐसे बदलाव महत्वपूर्ण होते हैं। बेहतर प्रशासनिक समन्वय और प्रमुख विभागों तथा जिलों में नेतृत्व से प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित करने और आर्थिक गतिविधियों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है। उदाहरण के लिए, बिहार सरकार का 2026-27 का बजट, जिसका कुल परिव्यय 3.48 लाख करोड़ रुपये है, ग्रामीण विकास, महिला रोजगार और औद्योगीकरण पर केंद्रित है। इन आर्थिक लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक जवाबदेह और कुशल प्रशासन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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