बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय परिसर को केंद्र की मंजूरी, पटना के पास होगा स्थापित

ThisNews Desk
बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय परिसर को केंद्र की मंजूरी, पटना के पास होगा स्थापित
चित्र: Alexander Fadeev / Pexels

केंद्र सरकार ने बिहार में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) का परिसर स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 1-2 सितंबर, 2026 के आसपास इस महत्वपूर्ण विकास की घोषणा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का आभार व्यक्त किया।

बिहार सरकार इस परियोजना में सक्रिय रूप से शामिल है। राज्य सरकार परिसर के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराएगी और स्वीकृत निर्माण लागत का 50 प्रतिशत वहन करेगी। इसके अतिरिक्त, संस्थान की शीघ्र स्थापना के लिए प्रशासनिक सहायता भी प्रदान की जाएगी। यह परिसर पटना के पास स्थापित किया जाएगा। बिहार के कला, संस्कृति और युवा मामलों के मंत्री प्रमोद कुमार और विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने भी राज्य की भूमिका की पुष्टि की है।

इस पहल से बिहार की अर्थव्यवस्था, व्यवसायों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs), व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है। MSMEs, यानी छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय, साथ ही व्यापारी, निर्माण सामग्री और सेवाओं की आपूर्ति से लाभान्वित होंगे। निर्माण चरण में श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। परिसर के संचालन से संकाय (शिक्षक), प्रशासनिक कर्मचारियों और सहायक सेवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों और उद्यमियों (नए व्यवसाय शुरू करने वाले व्यक्ति) को फायदा होगा। उन्नत सांस्कृतिक पारिस्थितिकी तंत्र सांस्कृतिक पर्यटन (कला और संस्कृति पर आधारित पर्यटन) और संबंधित क्षेत्रों को भी बढ़ावा दे सकता है।

NSD परिसर बिहार के इच्छुक कलाकारों को पेशेवर थिएटर प्रशिक्षण, मंच कला, प्रदर्शन कला और उन्नत अनुसंधान सुविधाएं प्रदान करेगा। इससे प्रतिभाशाली व्यक्तियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे प्रतिभा का पलायन रुकेगा और स्थानीय कलात्मक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह राष्ट्रीय स्तर का संस्थान बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, युवा प्रतिभा और आधुनिक रंगमंच के भविष्य में एक निवेश है, जिसका उद्देश्य राज्य की परंपराओं को एक नई पहचान और राष्ट्रीय मान्यता दिलाना है।

राज्य सरकार के व्यापक प्रयास, जैसे सभी जिलों में अटल कला भवन और आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण, सांस्कृतिक बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने का संकेत देते हैं, जो पूरे बिहार में कलाकारों और संबंधित सेवा प्रदाताओं के लिए मंच और अवसर पैदा करेगा। हालांकि, कुल निवेश की सटीक राशि सार्वजनिक नहीं की गई है, और विशिष्ट नौकरी संख्या अभी उपलब्ध नहीं है।

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