बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आयोजित बिहार आईटी उद्योग मीट 2026 ने राज्य में निवेश आकर्षित करने और इसे पूर्वी भारत का एक महत्वपूर्ण आईटी केंद्र बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। यह मीट बेंगलुरु में 3 जुलाई, 2026 को और हैदराबाद में 7 अगस्त, 2026 को आयोजित किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी स्थापित करना था।
मीट के दौरान, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), आईटी पार्कों के विकास, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, एआई-आधारित समाधान, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, स्टार्टअप इकोसिस्टम, अनुसंधान और नवाचार, तथा कौशल विकास पहलों में संभावित निवेश और सहयोग पर चर्चा हुई। जीसीसी (Global Capability Center) बहुराष्ट्रीय कंपनियों के वे कार्यालय हैं जो अपने मूल देश के बाहर स्थापित होकर विशिष्ट व्यावसायिक कार्यों का प्रबंधन करते हैं। बिहार के आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा और आईटी सचिव अभय कुमार सिंह ने राज्य के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करते हुए बिहार की निवेशक-अनुकूल नीतियों, व्यापार करने में आसानी, एकल-खिड़की निकासी प्रणाली (जहाँ व्यवसायों को सभी स्वीकृतियाँ एक ही जगह से मिलती हैं) और बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर प्रकाश डाला।
विप्रो, इंफोसिस कंसल्टिंग, ब्रॉडकॉम, जेएलएल इंडिया जीसीसी, जुओरा, एम्नेक्स इंफोटेकनोलॉजीज, वज्राम, आईलॉजिट्रॉन टेक्नोलॉजीज, रामइन्फो लिमिटेड, सैंडोज फार्मा, एडोब, मर्सिडीज-बेंज, क्वेस कॉर्प, एक्सएलआर पार्टनर्स और ब्रांडस्केप्स वर्ल्डवाइड सहित कई प्रमुख कंपनियों ने इन बैठकों में भाग लिया।
बिहार सरकार ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, कोरोवर और सर्वम एआई के साथ समझौता ज्ञापन (MoUs) पर भी हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य शासन और सार्वजनिक सेवाओं में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) को बढ़ावा देना है, जिसमें तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और नवाचार पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गूगल इंडिया को राज्य में एक जीसीसी स्थापित करने के लिए भी आमंत्रित किया।
राज्य ने इस दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए कई नीतियां पेश की हैं। बिहार जीसीसी नीति 2026 कर्मचारियों के वेतन प्रतिपूर्ति की पेशकश करती है: पहले वर्ष में 30% (₹15 लाख तक), दूसरे वर्ष में 20% (₹12 लाख तक), और तीसरे वर्ष में 10% (₹9 लाख तक)। बिहार के अधिवासी कर्मचारियों के लिए अधिक सहायता प्रदान की जाएगी।
बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 अनुमोदित खर्चों का 20% (₹15 करोड़ तक) प्रतिपूर्ति प्रदान करती है, जिसमें 70% बिहारी निवासियों को रोजगार देने वाली इकाइयों के लिए अतिरिक्त 5% (₹5 करोड़ तक) शामिल है। पांच साल के लिए वार्षिक ऊर्जा बिल का 25% प्रतिपूर्ति भी मिलेगी। सेमीकंडक्टर वे छोटे इलेक्ट्रॉनिक चिप्स होते हैं जो सभी आधुनिक डिजिटल उपकरणों को शक्ति प्रदान करते हैं।
इसके अतिरिक्त, राज्य ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट और एक्सपो 2026 में प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ ₹468 करोड़ के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। आईआईटी पटना में ₹250 करोड़ का एक प्रस्तावित एआई रिसर्च पार्क भी विचाराधीन है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) प्रस्तावित मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी के लिए धन जुटा रहा है। ये सभी पहल बिहार को प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिलाने में सहायक होंगी।
