बिहार कैबिनेट ने सोमवार, 12 अक्टूबर, 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में पटना में राज्य के पहले टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना को मंज़ूरी दे दी है। यह निर्णय बिहार के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पार्क के निर्माण और विकास के लिए राज्य सरकार नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन (इंडिया) लिमिटेड (NBCC) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करेगी। NBCC केंद्र सरकार का एक सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है, जो निर्माण कार्यों में विशेषज्ञता रखता है।
यह अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी पार्क पटना के गर्दनीबाग इलाके में स्थापित किया जाएगा। इसका प्राथमिक उद्देश्य राज्य की राजधानी में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और IT-सक्षम सेवाओं (ITES) के लिए एक मज़बूत पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) विकसित करना है। सरल शब्दों में, IT का अर्थ है कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर और इंटरनेट से जुड़ी सेवाएं, जबकि ITES वे सेवाएं हैं जो IT का उपयोग करके प्रदान की जाती हैं, जैसे कि कॉल सेंटर, डेटा प्रोसेसिंग या बैक-ऑफिस ऑपरेशन। राज्य के आईटी विभाग सचिव अभय कुमार सिंह, जिन्होंने कैबिनेट नोट तैयार किया था, ने बताया कि इस सुविधा को विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से बिहार के लगभग 5,000 युवाओं के लिए सीधे रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यह पार्क 100 से अधिक कंपनियों को आकर्षित करने का लक्ष्य रखता है, जिससे IT, ITES और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिज़ाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM) जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश आएगा। ESDM का मतलब है इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों जैसे मोबाइल फोन, कंप्यूटर चिप्स या अन्य गैजेट्स को डिज़ाइन करना और उनका निर्माण करना। यह क्षेत्र आधुनिक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
बिहार में पहले टेक पार्क की स्थापना राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह बिहार आईटी नीति 2024 और बिहार ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स नीति 2026 के तहत निवेश को आकर्षित करने के लिए एक उत्प्रेरक (catalyst) के रूप में कार्य करेगा। इस पहल से कंपनियों को बिहार में अपने परिचालन स्थापित करने और विस्तार करने के अवसर मिलेंगे, जिससे कुशल प्रतिभाओं का दूसरे राज्यों में पलायन कम होगा। यह कदम राज्य सरकार की बिहार के युवाओं, उद्यमियों और कामकाजी वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिससे बेहतर रोज़गार के अवसर मिलेंगे और एक आधुनिक, उद्योग-अनुकूल प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान में, कैबिनेट ने MoU पर हस्ताक्षर को मंज़ूरी दे दी है, जिसका अर्थ है कि NBCC के साथ औपचारिक समझौता जल्द ही होने वाला है।
