अरवल में 127.69 एकड़ में बनेगा औद्योगिक हब, NH-139 किनारे उद्योग स्थापना की तैयारी तेज

ThisNews Desk(अपडेट: 12 अगस्त 2026 को 4:33 pm बजे)
अरवल में 127.69 एकड़ में बनेगा औद्योगिक हब, NH-139 किनारे उद्योग स्थापना की तैयारी तेज
चित्र: James Heming / Pexels

बिहार के अरवल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-139 (NH-139) के किनारे 127.69 एकड़ भूमि पर एक आधुनिक औद्योगिक हब (औद्योगिक केंद्र) विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। यह महत्वपूर्ण परियोजना कोरियम और सोनवर्षा पंचायतों के बीच स्थापित की जा रही है, जिसका उद्देश्य अरवल को औद्योगिक निवेश का एक प्रमुख केंद्र बनाना है।

इस औद्योगिक क्षेत्र के विकास की मुख्य जिम्मेदारी बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की है। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत, 65.95 एकड़ सरकारी भूमि पहले ही उद्योग विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है। शेष 61.74 एकड़ निजी भूमि के अधिग्रहण का कार्य तेजी से जारी है। इस औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए प्रारंभिक अधिसूचना 27 मई, 2026 को आधिकारिक तौर पर प्रकाशित की गई थी।

राज्य सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए लगभग 37 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है। यह विकास पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की "प्रगति यात्रा" के दौरान की गई एक घोषणा का परिणाम है। इस परियोजना में उद्योग विभाग के सचिव और BIADA के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार तथा भूमि अधिग्रहण अधिकारी अमरेंद्र कुमार जैसे अधिकारी शामिल हैं।

हालांकि अरवल हब के लिए विशिष्ट रोजगार सृजन के आंकड़े अभी विस्तृत नहीं किए गए हैं, लेकिन इसका व्यापक उद्देश्य स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और जिले से पलायन को रोकना है। इस औद्योगिक क्षेत्र को विभिन्न औद्योगिक इकाइयों का समर्थन करने के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है।

यह पहल बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए, विशेष रूप से क्षेत्र के छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs), ठेकेदारों, व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। MSME का अर्थ है छोटे और मध्यम आकार के व्यवसाय, जो अक्सर स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। इससे नए उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलने, छोटे व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा होने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह विकास बिहार की व्यापक औद्योगिक नीतियों, जैसे बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज-2025 और BIADA भूमि आवंटन एवं प्रबंधन नीति 2026 के अनुरूप है। इन नीतियों का लक्ष्य पर्याप्त निवेश आकर्षित करना, व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और राज्य के औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। इसके अतिरिक्त, NH-139 पर लगभग ₹269.53 करोड़ की निविदा मूल्य वाली एक चार-लेन अरवल बाईपास परियोजना भी प्रगति पर है, जो कनेक्टिविटी और औद्योगिक संभावनाओं को और बढ़ाएगी।

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