बिहार के अररिया स्थित सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज में डॉ. ठाकुर संजय कुमार ने 7 जुलाई, 2026 को नए प्राचार्य का पदभार ग्रहण कर लिया है। उन्होंने बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार यह जिम्मेदारी संभाली। इस अवसर पर पूर्व प्राचार्य अभिजीत कुमार को सम्मानित किया गया। डॉ. कुमार ने अपनी प्राथमिकताओं में छात्रों के समग्र विकास और संस्थान में उच्च गुणवत्ता वाली तकनीकी शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया है।
सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये संस्थान कुशल कार्यबल तैयार करते हैं, जो छोटे व्यवसायों (MSMEs), ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए आवश्यक होता है। ये पॉलिटेक्निक 10वीं पास छात्रों को सीधे अप्रेंटिसशिप (प्रशिक्षण के साथ काम) और औद्योगिक भूमिकाओं से जोड़कर स्कूल और पेशेवर इंजीनियरिंग करियर के बीच की खाई को पाटते हैं।
सरकारी पॉलिटेक्निक अररिया की स्थापना 2018 में बिहार सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (अब विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग) द्वारा की गई थी। यह बिहार सरकार के "सात निश्चय कार्यक्रम" का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य राज्य के हर जिले में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज और सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थापित कर छात्रों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है। यह संस्थान सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन और कंप्यूटर साइंस जैसे विभिन्न इंजीनियरिंग विषयों में तीन वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रदान करता है। बिहार कौशल विकास मिशन (BSDM) भी "कुशल युवा कार्यक्रम" जैसे कार्यक्रम चलाता है, जिसका लक्ष्य कौशल विकास और प्रशिक्षण के माध्यम से बिहार के युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना है।
इसी कड़ी में, बिहार में औद्योगिक विकास और कौशल उन्नयन पर बढ़ते फोकस को दर्शाते हुए, 15 जून, 2026 को गया के खिजरसराय में एक नए प्रौद्योगिकी केंद्र की आधारशिला रखी गई। यह केंद्र केंद्रीय MSME मंत्रालय और बिहार सरकार की एक संयुक्त पहल है, जिसमें कुल ₹170 करोड़ का निवेश शामिल है। अनुमान है कि यह केंद्र प्रति वर्ष लगभग 7,000 व्यक्तियों को प्रशिक्षित करेगा और 1,000 से अधिक MSMEs को टूलिंग सहायता, तकनीकी सहायता और जॉब वर्क सेवाएं प्रदान करेगा, जिससे विशेष रूप से दक्षिण बिहार के जिलों को लाभ होगा। अररिया पॉलिटेक्निक में हुई नियुक्ति से अलग होते हुए भी, यह व्यापक निवेश राज्य की कुशल कार्यबल तैयार करने और MSME क्षेत्र का समर्थन करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
