भागलपुर, बिहार के युवा उद्यमी नंदिकेश ने एक अभिनव 'डिजिटल बैग' विकसित किया है, जिसमें यात्रा के दौरान मोबाइल फोन, ईयरबड्स और नेकबैंड जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने के लिए एक इनबिल्ट पावर बैंक लगा है। उनकी स्टार्टअप कंपनी, ऑन-यात्राबैग्स (On-YatraBags), इन आधुनिक बैगों का निर्माण करती है। यह बैग सीधे चार्जिंग पॉइंट में प्लग करके खुद भी चार्ज हो सकता है।
नंदिकेश का यह उद्यम, जिसकी शुरुआत 2021 में हुई थी, जुलाई 2026 तक ₹80 लाख का वार्षिक टर्नओवर (सालाना कारोबार) हासिल कर चुका है। उनका कारखाना भागलपुर के बरारी स्थित बीआईएडीए (बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण) केंद्र में है। यहां हर हफ्ते लगभग एक हजार डिजिटल बैग बनाए जाते हैं। जल्द ही मुंबई के लिए 5,000 बैगों की एक बड़ी खेप भेजी जाएगी। नंदिकेश की एक और कंपनी "स्कूल मैप" भी है, जो नोटबुक बनाती है।
इस स्टार्टअप को अपनी यात्रा में महत्वपूर्ण सरकारी सहायता मिली है। नंदिकेश को प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) योजना के तहत ₹25 लाख का ऋण (लोन) प्राप्त हुआ, जो छोटे व्यवसायों को शुरू करने और रोजगार पैदा करने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, उन्हें मुद्रा योजना के तहत ₹10 लाख का ऋण भी मिला, जो छोटे उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है। वर्तमान में, उनकी इकाई में 15 कारीगर कार्यरत हैं और उनका लक्ष्य 200 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है। वर्ष 2025 में, उनकी कंपनी ने शिक्षा विभाग के लिए सरकारी स्कूलों को लगभग 25,000 बैग की आपूर्ति भी की थी।
नंदिकेश की यह सफलता बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि राज्य के युवा कैसे सफल व्यवसाय स्थापित कर सकते हैं, जिससे रोजगार के लिए पलायन पर निर्भरता कम होती है। उनकी उपलब्धि अन्य महत्वाकांक्षी उद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और PMEGP और मुद्रा जैसी सरकारी पहलों के सकारात्मक प्रभाव को उजागर करती है, जो स्वरोजगार और नौकरी सृजन को बढ़ावा देती हैं। फरवरी 2026 में, बिहार सरकार ने भी नवाचार और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स के लिए अपनी सीड फंडिंग (प्रारंभिक पूंजी) को बढ़ाकर ₹25 लाख कर दिया है।
