बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाल ही में पुष्टि की है कि राज्य विकास की गति को तेज कर रहा है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में है, जो 7 अक्टूबर, 2026 को पूरे हुए। इस महत्वपूर्ण अवसर को पटना में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ चिह्नित किया गया, जिसमें 'विकसित भारत' कार्यक्रम प्रमुख था।
मुख्यमंत्री चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार सरकार प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण के साथ मिलकर काम कर रही है। 'विकास में तेज़ी' का अर्थ है कि राज्य में सड़कों, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, और नए उद्योगों व व्यवसायों के लिए एक बेहतर और अनुकूल माहौल बनाया जा रहा है। छोटे व्यवसायियों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है। बेहतर बुनियादी ढाँचा (जैसे सड़कें और बिजली की निर्बाध आपूर्ति) व्यापार करने की लागत को कम करता है, माल की आवाजाही को आसान बनाता है और नए व्यावसायिक अवसरों को जन्म देता है।
'विकसित भारत' कार्यक्रम का उद्देश्य एक ऐसा भारत बनाना है जहाँ हर नागरिक को बेहतर जीवन स्तर मिले, और व्यापार-उद्योग के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ हों। बिहार में विकास की इस गति से स्थानीय व्यवसायों को सीधे लाभ होगा। इससे नए निर्माण कार्य बढ़ेंगे, जिससे ठेकेदारों और निर्माण सामग्री आपूर्तिकर्ताओं के लिए काम के अवसर पैदा होंगे। साथ ही, बेहतर कनेक्टिविटी और बाजार तक आसान पहुँच से व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों और सेवाओं का विस्तार करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार का यह जोर बिहार के आर्थिक परिदृश्य को मजबूत करने और सभी के लिए समृद्धि लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
