बिहार सरकार की योजनाओं से उद्यमियों, श्रमिकों और किसानों को सीधा वित्तीय लाभ: 1.56 करोड़ महिलाओं को ₹15,600 करोड़ का प्रारंभिक अनुदान

ThisNews Desk
बिहार सरकार की योजनाओं से उद्यमियों, श्रमिकों और किसानों को सीधा वित्तीय लाभ: 1.56 करोड़ महिलाओं को ₹15,600 करोड़ का प्रारंभिक अनुदान
चित्र: Jan van der Wolf / Pexels

बिहार सरकार 2026 में विभिन्न कल्याणकारी और उद्यमिता योजनाओं के माध्यम से नागरिकों को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता वितरित कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए सहायता को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और लाभार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके। डीबीटी का अर्थ है कि पैसा सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है, जिससे प्रक्रिया कुशल बनती है।

मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, सितंबर 2025 में शुरू की गई थी। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों की 1.56 करोड़ महिलाओं और जीविका स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 का प्रारंभिक अनुदान दिया गया है। यह कुल ₹15,600 करोड़ की प्रारंभिक राशि है। जो महिलाएं व्यवसाय में रुचि दिखाती हैं, उन्हें उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त ₹2 लाख मिल सकते हैं। यह योजना महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने और आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने में मदद करती है।

असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए वार्षिक वस्त्र सहायता योजना भी एक महत्वपूर्ण पहल है। 25 अगस्त, 2026 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना का शुभारंभ किया, जिसके तहत 16 लाख से अधिक पंजीकृत असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को प्रत्येक को ₹5,000 सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए। इस योजना के तहत कुल ₹802 करोड़ से अधिक की राशि वितरित की गई। यह राशि श्रमिकों को कपड़े खरीदने में मदद करती है, खासकर त्योहारों के समय।

बिहार उद्यमी योजना युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के उद्यमियों को नए व्यवसाय शुरू करने के लिए ₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना में सब्सिडी भी शामिल है, जिसका लक्ष्य स्वरोजगार और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना है। यह छोटे और मध्यम व्यवसायों (MSMEs) को स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

किसानों के लिए, राज्य सरकार ने खरीफ 2026 सीजन के लिए बिहार राज्य फसल सहायता योजना को मंजूरी दी है, जो प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल के नुकसान के लिए प्रति हेक्टेयर ₹10,000 तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इसके अतिरिक्त, जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को प्रति वर्ष ₹3,000 मिलते हैं। ये योजनाएं किसानों को अनिश्चितताओं से बचाती हैं और उनकी आय को स्थिर करने में मदद करती हैं।

वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव द्वारा 3 फरवरी, 2026 को प्रस्तुत बिहार बजट 2026-27 में कुल ₹3,47,589.76 करोड़ के व्यय का प्रावधान है। इस वित्तीय वर्ष के लिए वार्षिक योजना परिव्यय ₹1,22,155.42 करोड़ है, जो सामाजिक क्षेत्रों, बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं पर सरकार की बढ़ी हुई खर्च करने की क्षमता को दर्शाता है। बजट में अनुसूचित जातियों के लिए ₹19,603.02 करोड़ और अनुसूचित जनजातियों के लिए ₹1,648.42 करोड़ का आवंटन भी किया गया है।

ये योजनाएं बिहार के व्यवसायों, MSMEs, व्यापारियों, श्रमिकों और उद्यमियों के लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वे उद्यम शुरू करने या विस्तार करने के लिए सीधा पूंजी प्रदान करती हैं, कृषि नुकसान के खिलाफ सुरक्षा जाल प्रदान करती हैं, और कमजोर आबादी का समर्थन करती हैं। महिला और युवा उद्यमिता पर ध्यान, प्रत्यक्ष वित्तीय हस्तांतरण के साथ, आर्थिक गतिविधि को प्रोत्साहित करने, रोजगार के अवसर पैदा करने और बिहार में अधिक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है।

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