बिहार राज्य 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य AI को शासन, कौशल विकास और समग्र आर्थिक विकास में एकीकृत करना है। यह दूरदर्शी कदम राज्य के छोटे व्यवसायों, ठेकेदारों, व्यापारियों और उद्यमियों के लिए नए अवसर और दक्षता लाने की अपार क्षमता रखता है, जिससे व्यापार करने में आसानी बढ़ेगी और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
इसी कड़ी में, 6 अगस्त, 2026 को पटना स्थित बिहार विधानसभा परिसर में एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम बिहार विधानमंडल के सम्मानित सदस्यों – जिसमें बिहार विधानसभा और विधान परिषद दोनों के सदस्य शामिल थे – के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्रौद्योगिकी पर केंद्रित था। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जो राज्य के नीति-निर्माताओं को आधुनिक तकनीक से परिचित कराने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का प्राथमिक उद्देश्य विधायकों को AI और डिजिटल प्रौद्योगिकियों की मूलभूत समझ प्रदान करना था। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वे इन उभरती तकनीकों के महत्व, उनके अनुप्रयोगों और राज्य के विकास पर उनके संभावित प्रभावों को बेहतर ढंग से समझ सकें। जब नीति-निर्माता AI की क्षमता और चुनौतियों से अवगत होंगे, तो वे ऐसे सुविचारित कानून और नीतियां बनाने में सक्षम होंगे जो राज्य में तकनीकी नवाचार, उद्यमिता और समावेशी विकास को बढ़ावा दें। यह सीधे तौर पर व्यापारिक माहौल को प्रभावित करेगा, जिससे सरकारी प्रक्रियाओं में अधिक पारदर्शिता, गति और दक्षता आएगी, जिसका लाभ सभी व्यावसायिक संस्थाओं को मिलेगा।
कौशल विकास के मोर्चे पर, AI का एकीकरण बिहार के कार्यबल के लिए नए और उन्नत कौशल की आवश्यकता पैदा करेगा। यह स्थिति उद्यमियों के लिए नए प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने, मौजूदा शैक्षिक कार्यक्रमों को अद्यतन करने या विभिन्न उद्योगों में कार्यरत पेशेवरों के लिए अपस्किलिंग और रीस्किलिंग कार्यक्रम प्रदान करने के व्यापक अवसर खोलेगी। आर्थिक विकास के लिए, AI कृषि से लेकर विनिर्माण, सेवा क्षेत्रों और लॉजिस्टिक्स तक विभिन्न उद्योगों में दक्षता और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकता है। यह न केवल मौजूदा व्यवसायों को मजबूत करेगा बल्कि AI-आधारित नए व्यावसायिक मॉडल और स्टार्टअप्स के उद्भव को भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे रोजगार सृजन होगा।
बिहार सरकार की यह पहल राज्य को डिजिटल भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल प्रशासनिक दक्षता में सुधार करेगा बल्कि एक ऐसे गतिशील पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण भी करेगा जहां छोटे और मध्यम उद्यम (MSME) तथा स्टार्टअप AI-आधारित समाधानों का लाभ उठा सकें, अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा सकें और वैश्विक बाजार में अपनी पहचान बना सकें। यह पहल बिहार को डिजिटल क्रांति का एक सक्रिय भागीदार बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
